सुना है कोई है नही तुम्हारे पास मन बहलाने को,
गलती हमारी ही थी… हमने उसे अपना समझ कर दिल में बसा लिया।
जैसे सदियों से तेरे ऊपर कोई बोझ थे हम…!!
तो फिर इस बीमारी की दवा क्यों नहीं मिलती?
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
चेहरे से ही समझ आ जाता है… उदासी का कारण इश्क है या पैसा।
रिश्तों की भीड़ में सबसे अकेले हम ही रहे,
ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਸਾਨੂੰ ਮਰਨ ਲਈ ਵੀ ਕਾਰਨ ਘੱਟ ਨਹੀਂ।
की आदमी ही आदमी को जाल में फसाने लगा है…!
सुना है गैरो ने पैरो तले रक्खा है तुम्हे…!
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
दर्द जब बढ़ जाता है तो चेहरे भी बदल जाते हैं।
हमारे हिस्से में बस Sad Shayari in Hindi टूटी हुई खामोशियाँ आईं,
उन्होंने मुस्कुराकर कहा— “तुम बस दिल बहलाने के काम आते हो।”